Wednesday, August 9, 2017

आज़ादी की रोयल्टी

एक ही रट लगा रखी है कि bjp और rss का आजादी की आंदोलन में कोई योगदान नही है ।

पहली बात ये की bjp का गठन 1980 में हुआ है और दूसरी बात अगर मान भी ली जाए कि rss का आजादी में कोई योगदान नही है तो कौन सी rss तुम्हारे खिलाफ चुनाव लड़ रही है ?

RSS का तो 1925 से आज तक राजनीति में कोई सीधा दखल नही रहा है। तब क्यों RSS से खौफ खाते हो ?

वैसे भी पिछले 70 साल में किताबो में उन्हें ही महान बताया गया जिसको कांग्रेस ने सही समझा । कांग्रेसी इतिहासकार सिर्फ नेहरू और इंदिरा को ही महान मानते हैं । सरदार पटेल , सुभाषचंद्र बोस , भगत सिंह , लाल बहादुर शास्त्री , लाला लाजपतराय और महामना मदन मोहन मालवीय को तो कोई कांग्रेसी पूछता भी नही ।

तो क्या कांग्रेस ने आज़ादी देश को लूट लूट के खोखला करने के लिए दिलवाई थी ?

आज़ादी के  तथाकथित नायक महात्मा गांधी तो आज़ादी मिलने के बाद कांग्रेस को खत्म कर देना चाहते थे । क्यों नही खत्म किया नेहरू ने ?
इसलिए नही खत्म किया ताकि नेहरू और उसके वंसज आने वाले कई सदियों तक बिना किसी काबिलियत के आज़ादी की रॉयल्टी खाते रहें।

तो भाई कांग्रेस्सियो ये बताओ की 70 साल तक कांग्रेस्सियो ने आज़ादी की रोयल्टी खाई अब कितना लूटोगे ।

वैसे भी जो आज़ादी देश को मिली उसका गला तो तुमने 19 महीने की इमरजेंसी लगा के वैसे भी घोंट दिया था और हिसाब बराबर कर लिया था ।

एमरजेंसी लगाने वाले कैसे कह सकते हैं कि उन्होंने देश को आज़ादी दिलवाई थी।

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